रेपिडो में घुमा जब भालू
Rapido me ghuma jab bhalu_hindi poem for kids

जंगल में रहते -रहते बोर हो गया था भालू
एक दिन चला शहर घूमने, नाम था कमालू
गया शहर की सब्जी मंडी, खाए खूब आलू
बीवी-बच्चों के वास्ते मीठे आम और रतालू


वहां से जाना था , उसको सुपर मार्केट
लेने थे, मेगी नुडल्स के बहुत से पैकेट
कुछ खिलोने , और खुद के एक जेकेट
गूगल मैप से सर्च की पता लगी जब दूरी
ट्रेफिक हेवी, भीड़ भारी, दस मील पूरी
ऑनलाइन टैक्सी करने का जाना तरीका
एक एप्प किया इनस्टॉल रेपिडो सरीखा
कर ली बुक राइड , थी वो एक स्कूटी
आ गई चंद मिनट में , राइडर थी स्वीटी
बैठने से पहले दिया हेलमेट, मांगी ओटीपी
स्वीटी चलाये तेज स्कूटी, पीछे बैठा भालू
देखे जो, मारे सीटियाँ, अरे कमालू, कमालू
सुपर मार्केट आते ही रुक गई अब स्वीटी
प्यार से बोली, उतरो, पूरी हो गई मेरी ड्यूटी
ऑनलाइन या केश, वाणी थी उसकी मीठी


चूका किराया, उसको भालू प्यार से बोला
बन जाओ जो मेरी ड्राईवर, लेके देदूं ओला
रोज शहर घुम आयेंगे, खायेंगे बर्फ का गोला
शर्मा गयी वो, रवाना कर दी अपनी झट स्कूटी
आंख मिला , मुस्करा कर बोली , चल हट नौटी