“क्या आपका बच्चा रंग-बिरंगे फूलों, चहकती कोयल और बागों में नाचते मोरों को देखकर खुश होता है? प्रकृति के जादू और सुगंध से भरी यह जादुई कविता ‘खिल-खिल खिलती फुलवारी’ बच्चों को सीधे एक ऐसी जादुई बगिया में ले जाएगी, जहाँ गुलाब राजा हैं और मालती रानी! वीडियो बनाने और ब्लॉग पर वर्स विजेट में सेट करने के लिए संपूर्ण बालगीत।”
फुलवारी बालगीत
खिल-खिल खिलती फुलवारी!
बच्चों के लिए फूलों और तितलियों की जादुई कविता (Phulwari Kids Hindi Poem)
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
सजते कचनार, चमेली,
शेफाली, अरहुल, बेली,
बैजन्ती, जुही, सहेली,
महकी चम्पा से क्यारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
डाली डाली में थिरकन,
पत्तों पत्तों में मचलन,
कलियों कलियों में जीवन,
भूलें सब बारी-बारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
पंचम स्वर गाती कोयल,
फर-फर उड़ जाती गुरसल,
सौन्दर्य दिखाती बुलबुल,
आते-जाते नभचारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ||
गुंजार सुनाते भौरें ,
भर-भर पराग के बोरे,
दे -दे किरणों के तोरे ,
हँसता आकाश विहारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी
हर ओर बिछी हरियाली,
हर ओर हवा मतवाली,
रंगत हर ओर निराली,
यह शोभा जग से न्यारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
मरुआ औ' गेंदा पीला,
मल्लिका, मोगरा उजला,
निशिगंधा, कमल छबीला,
निखराते बगिया प्यारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
भोले पौधों की फलियां ,
लगती सोने की डलियाँ,
जल-सिंचित नन्हीं कलियाँ-
फूलों से फूली भारी।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
फबता समीप निर्मल सर,
लहरें सुगंध से हों तर,
मन मौजी दूर्वादल पर,
छू रही कूल सुकुमारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
मधु की बूँदें छवि-छाई,
दोने में भर पुरवाई,
बिखरा देती सुघराई,
इठलाती लवंग दुलारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
राजा गुलाब अभिमानी,
रमणीक मालती रानी,
ये सबके सब हैं दानी,
रहते सज-धज दरबारी ।
खिल-खिल खिलती फुलवारी ।।
कविता का सरल अर्थ (Simple Summary)
यह कविता बच्चों को एक जादुई और बेहद खूबसूरत फुलवारी (बगिया) की सैर कराती है। इस बगिया में चंपा, चमेली, गेंदा, मोगरा, कमल और गुलाब जैसे अनगिनत फूल खिले हैं। यहाँ कोयल मधुर गीत गाती है, मोर नाचते हैं, भँवरे मँडराते हैं और हिरण के बच्चे कुलांचें भरते हैं। इस फुलवारी में गुलाब को राजा और मालती को रानी बताया गया है, जो अपनी खुशबू पूरी दुनिया को दान करते हैं और सबका दिल जीत लेते हैं।
बच्चों के लिए एक्टिविटी / सवाल (Kids Engagement Questions)
- प्यारे बच्चों, इस कविता में फुलवारी का राजा और रानी किसे कहा गया है? जल्दी से कमेंट में उनके नाम लिखो!
- आपका सबसे पसंदीदा फूल कौन सा है—गुलाब, गेंदा या कमल?
FAQ Schema (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
- प्रश्न 1: ‘खिल-खिल खिलती फुलवारी’ कविता में कौन-कौन से पक्षी और जानवर आए हैं?
- उत्तर: इस कविता में मधुर गीत गाने वाली कोयल, फर-फर उड़ने वाली गुरसल, सुंदर बुलबुल, नाचने वाले मोर और दौड़ने वाले हिरण के बच्चों का ज़िक्र आया है।
- प्रश्न 2: कविता में फूलों को ‘दानी’ क्यों कहा गया है?
- उत्तर: फूलों को दानी इसलिए कहा गया है क्योंकि वे बिना किसी भेदभाव के अपनी सुंदर रंगत और मनमोहक सुगंध पूरी दुनिया को मुफ्त में बिखेर देते हैं।
- प्रश्न 3: इस बालगीत को पढ़ने से बच्चों को क्या सीख मिलती है?
- उत्तर: इस बालगीत से बच्चे विभिन्न प्रकार के भारतीय फूलों और पर्यावरण की सुंदरता से परिचित होते हैं, जिससे उनके अंदर प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना पैदा होती है।
आपसे निवेदन :
“दोस्तों, प्रकृति की खुशबू और बच्चों की मासूमियत से भरी यह ‘फुलवारी’ कविता आपको कैसी लगी? इसे अपने नन्हे-मुन्नों और स्कूल के दोस्तों के साथ व्हाट्सएप पर ज़रूर शेयर करें! इस कविता का बेहद खूबसूरत 3D एनिमेटेड वीडियो हमारे YouTube चैनल पर आने वाला है, इसलिए हमारे ब्लॉग को तुरंत सब्सक्राइब करें। धन्यवाद!”
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