विजयदशमी का आरम्भ: राजा रघु, कौत्स और शमी वृक्ष की पौराणिक कथा vijayadashami ka aarambh raja raghu kautsa shami story
हम सब जानते हैं कि विजयदशमी का आरम्भ हुवा क्यों कि इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान श्री राम से भी पहले उनके ही पूर्वजों ने अपने कूल की मर्यादा को बचने के लिए इसी दिन एक गरीब ब्राह्मण लड़के की जिद को पूर्ण किया और फिर कुबेर देव को धरती पर सोने की वर्षा करनी पड़ी थी? महाराज रघु, ऋषि वर्तन्तु और शिष्य कौत्स की यह अद्भुत पौराणिक कथा आपको बताएगी कि आखिर क्यों दशहरे के दिन आज भी शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर बांटा जाता है!”
