Babaru gadhe ki kahani hindi me बबरू गधे की कहानी हिंदी में
Hindi kahani with moral
Hindi story for Kids Hindi kahani with moral
Pratilipi Hindi story
हिंदी में बबरू गधे की कहानी /
चलो बच्चों , नमस्कार और सुनो कहानी अपनी भाषा हिंदी में , प्यारी सी एक story जो आपको काव्य का रस देगी और कुछ moral यानि सीख भी|
छोटे से एक जंगल में एक रहता था गधा | नाम था बबरू | पढाई भी बहुत करता था बबरू तुम्हारी तरह पर था गधा | जंगल में चरना और फिर पास के गाँव में जाकर राख के ढेर पर लोट-पोट हो कर अपना रूप निखार आता |
एक दिन स्कुल में चिमी मेडम ने कहा कि अगले सप्ताह एक फेंसी ड्रेस शो होने वाला है जो भी बच्चे भाग लेना चाहे वो अपनी ड्रेस तैयार करा ले |
बबरू ने सोचा “यार एक कार्यक्रम में मुझे भी भाग लेना चाहिए” खैर बबरू ने तय कर लिया कि अबकी बार वो इस ड्रेस शो में भाग लेगा |
पर बबरू को समझ नहीं आ रहा कि ड्रेस लाये कहाँ से जो उसे अलग ही पहचान दिला दे |
काफी देर बाद उसे याद आया गाँव का सलीम रंगरेज |
बबरू ने सरपट दौड़ लगाई और पहुँच गया सलीम रंगरेज की दुकान पर , किया नमस्कार और बोला “ वो बात कुछ ऐसी है सलीम भाई , आपसे एक काम था”
सलीम ने अपना चश्मा नीचे कर आँखे बड़ी कर बोला “ बोलो भाई बबरू , तुम्हारा काम सबसे पहले और फिर तुम तो पहली बार मेरी दुकान पर आये हो”|
“तुम्हारे ये जो काले- पीले- लाल- हरे रंग है , इनको मेरे शरीर पर थोड़े से लगा दो ना”
सलीम को पहले तो आई हँसी और फिर बोला, “ क्या शादी में जाना है कहीं?
अरे नहीं रे ! वो क्या कि हमारी स्कुल में एक फेंसी ड्रेस शो, और मुझे कुछ अलग ही ड्रेस की जच गई |
अच्छा ! ये बात है बबरू भाई, तो रंग तो अपने पास खूब पड़े पर तुम पर लागू कैसे ?
बबरू ने कहा “ अरे जैसे वो कालू पेंटर लगता है वैसे ही लगा दो”
सलीम ने पंच पांच सात तरह के रंग से बबरू को रंगना शुरू कर दिया और थोड़ी देर बाद तो बबरू तो रंगा बिल्ला लगने लगा |
सलीम ने पूरा रंग लगाने के बाद शीशे में उसे अपना मुंह दिखाया तो एक बार तो बबरू खुद भी डर गया, और फिर ख़ुशी से नाचता-झूमता हुवा पहुंचा जंगल में , और हाँ , जाते जाते सलीम जो कह गया उस शो में आने के लिए भी|
बबरू को आता देख , सब जानवर अपना काम छोड़ इधर -उधर भागने लगे और जोर जोर से हो- हल्ला करने लगे , उनको लगा कोई दुसरे ग्रह का कोई प्राणी आ गया |
अगले दिन सुबह फेंसी ड्रेस शो में सब बच्चे पहुँच गये पर बबरू सही समय पर ही आया |
बबरू के आते ही सबसे पहले ऊंट ने देखा , वो तो जोर जोर से ऐसा हँसने लगा कि सब का ध्यान बबरू और ऊँट की तरफ चला गया और फिर तो सब हँसने लग गये |
बबरू को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर सब उस पर हँस क्यों रहे थे?
सलीम चाचा भी आ गये और फिर शुरू हुवा शो , एक एक कर सब अपनी ड्रेस दिखाने मंच पर आते और चले जा रहे थे , और फिर आया बबरू |
बबरू के अपनी जगह से उठते ही सीटियाँ , तालियां शुरू हो गई और मंच पर तो आते ही सब के सब हँसने लगे |
चिमी मेडम ने कहा “क्या बात है बबरू तो एक दम मस्त लग रहा है , इतने रंग वाली ड्रेस तो किसी के पास नहीं हैं, और फिर तुमने तो इस पर अपना नाम भी लिखा रखा है” इसलिए आज के विनर भी तुम ही हुवे |
बबरू को अब समझ आया कि सब क्यों हँस रहे थे| बबरू सीधा सलीम चाचा के पास गया और कहा चाचा आपने तो मेरा नाम ही लिख दिया था मेरे पर, जरा पढना तो क्या लिखा है ?
सलीम चाचा ने कहा, लिखा है “ मैं हूँ बबरू गधा”
बबरू ने जैसे ही ये जाना अब तो वो अपना मुँह उपर करके अपनी बेसुरी आवाज में जोर जोर से ढेंचु-ढेंचु-ढेंचु-ढेंचु करने लगा |
तो आया मजा आपको बबरू की कहानी पढ़ कर|
अब अगर तुम्हारी स्कुल में भी कोई प्रोग्राम हो तो तुम भी भाग लेना जरुर , जरुरी नहीं कि हर बार तुम ही विजेता बनो , पर तुमको बहुत कुछ जानने को, सीखने को मिलेगा|
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