आओ बच्चों , आज तुमको मैं एक मजेदार हिंदी में कहानी सुनाता हूँ , यह कहानी मैं जब छोटा था तो मेरी नानी सुनती रहती थी , Chal mere charakhe charmar chu hindi story for kids चल मेरे चरखे चरमर चूं हिंदी कहानी for kids| एक और भी थी , चल मेरी ढोलकी ढमाक ढम, पर आज मैं एक चूहे राजा वाली कहानी की बात कह रहा हूँ | अगर ये कहानी तुमको अच्छी लगे तो अपने दोस्तों को भी सुनाना | चलो फिर सुनो |
Chal Mere Charakhe Charmar Chu Hindi Story For Kids चल मेरे चरखे चरमर चूं हिंदी कहानी for kids
एक था चूहा राजा , और एक थी बुढिया , चूहा बुढिया के घर में ही रहता था , बुढिया जब चूल्हा जला कर खुद के लिए रोटी बनाती तो एक रोटी चूहे को भी खाने को दे देती और खा पी कर वो अपने बिल में सोता रहता | एक दिन बुढिया के चूल्हे की लकड़ी ख़त्म हो गई और रोटी कच्ची रह गई तो बुढिया ने अपने बाल नोच कर चूल्हे में डाल कर रोटी पकाने लगी | चूहे ने जब ऐसा करते देखा तो वो भाग कर खेत में गया और दो चार लकड़ी लाकर दी , बुढिया खुश हुई , उसने चूहे को एक मोटी रोटी दी | रोटी लेकर चूहा फुदकने लगा और गीत गाने लगा –

मै खेत गया , खलिहान गया |
खेत से लाया लकड़ी |
लकड़ी बुढिया को दे आया
बुढिया ने दी मुझको रोटी
और फिर रोटी लेकर वहां से भागा और सीधा मोती कुम्हार के घर गया . कुम्हार रोते-रोते चाक से बर्तन बना रहा था।
चूहे ने कुम्हार को रोते देखा तो पूछ लिया, ” क्या हुआ? कुम्हार भाई रो क्यों रहा हो?”
कुम्हार ने कहा, ” बर्तन बिक नहीं रहे हैं, मैं सुबह से भूखा हूँ , क्या तुम मुझे अपनी रोटी दोगे?”
चूहा बोला-
मै खेत गया , खलिहान गया
खेत से लाया लकड़ी |
लकड़ी बुढिया को दे आया
बुढिया ने दी मुझको रोटी
तू मुझको क्या देगा मोती ?

मोती ने कहा – मैं तुमको मटकी दूँगा|
मटकी लेकर चूहा आगे चल दिया , चलते चलते उसे एक जंगल में ग्वाला दिखा जो अपनी गायें चरा रहा था , वह ग्वाले के पास गया , ग्वाले से बोला ” ग्वाले भाई , ग्वाले भाई , बहूत दुखी नजर आ रहे हो क्या हो गया?”
ग्वाले ने कहा , मेरी गाय का दूध निकालने का पात्र फूट गया है , मेरे पास और कोई बर्तन नहीं है , क्या तुम ये मटकी मुझे दोगे?”
चूहा बोला :

मै खेत गया , खलिहान गया
खेत से मैं लकड़ी लाया
लकड़ी बुढिया को दे आया
बुढिया ने दी मुझको रोटी
रोटी मैंने दे दी कुम्हार को
कुम्हार ने मुझको दी मटकी
तू मुझको क्या देगा ?
ग्वाला बोला – मेरे पास बहुत सारी गाय है एक गाय तुम ले लो |
चूहा अब गाय लेकर गाँव में आया , गाँव में एक सेठ अपनी दुकान पर उदास बैठा था , चूहे ने सेठ से कहा ” सेठ जी , सेठ जी , इतने उदास उदास क्यों बैठे हो?
सेठ ने कहा , मेरा बच्चा भूखा है और दूध के लिए रो रहा है , मेरी गाय मर गई है क्या तुम मुझे ये गाय दोगे?
चूहा बोला –
मै खेत गया , खलिहान गया
खेत से मैं लकड़ी लाया
लकड़ी बुढिया को दे आया
बुढिया ने दी मुझको रोटी
रोटी मैंने दे दी कुम्हार को
कुम्हार ने मुझको दी मटकी
मटकी मैं ग्वाले को दे आया
ग्वाले ने मुझको दी गाय
तू मुझको क्या देगा ?

सेठ ने कहा – मेरे घर में एक चुहिया है , मैं तुम्हारी शादी करा दूंगा |
chal mere charakhe charmar chu hindi story for kids
चल मेरे चरखे चरमर चूं हिंदी कहानी for kids
चूहा ख़ुशी से उछल पड़ा , नई बहू को लेकर वह अपने घर चला , रस्ते में देखा एक बढई अपने घर के बाहर औजार लिए बैठा रो रहा है , पास में तीन चार छोटे -छोटे बच्चे लड़ रहे , रो रहे है |
चूहे ने बढ़ई से पूछा, ” क्या हुआ, बढ़ई भाई , रो क्यों रहे हो ?”
बढ़ई ने कहा – महीने भर पहले मेरी पत्नी मर गई , अब बच्चे दिन भर रोते रहते है , मुझे काम भी नहीं करने दे रहे है , क्या तुम मुझे तुम्हारी बहू दोगे ?
चूहा बोला –

मै खेत गया , खलिहान गया
खेत से मैं लकड़ी लाया
लकड़ी बुढिया को दे आया
बुढिया ने दी मुझको रोटी
रोटी मैंने दे दी कुम्हार को
कुम्हार ने मुझको दी मटकी
मटकी मैं ग्वाले को दे आया
ग्वाले ने मुझको दी गाय
गाय मैंने सेठ को दे दी
सेठ ने मुझे बहू दी
तू मुझको क्या देगा ?
बढ़ई ने कहा – मैं तुमको एक चरखा बना कर दूँगा , इस चरखे से तू सूत कातना , अपने कपड़े बनाना, दूसरों के लिए भी बनाना , वो तुमको पैसे देंगे, अपना पेट भी भरेगा और देश की सेवा भी हो जाएगी और तेरा भी काम हो जायेगा और मेरा भी , मेरे बच्चों को एक माँ मिल जाएगी , वो उनको पाल लेगी , मैं अपना काम कर लूँगा |
चूहे को दया आ गई और उसने अपनी बहू बढ़ई को दे दी और उसके बदले में चरखा ले कर घर आ गया |
अब वो दिन भर सूत कातता है और गीत गाता है
चल मेरे चरखे चमरक चूं
बहू के बदले मै आया तू
चल मेरे चरखे चमरक चूं
घर में अब सिर्फ मैं और तू
चल मेरे चरखे चमरक चूं
सर्दी हो या चल रही लू
दिन भर सूत कात ता जा तू
चल मेरे चरखे चमरक चूं
बहू के बदले मै आया तू
चल मेरे चरखे चमरक चूं
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