Napoleon Bonaparte: a short Hindi moral story for kids
आप पढ़ रहे है फ़्रांस के शासक Napoleon Bonaparte के जीवन से जुडी एक घटना जो अपने नागरिकों के प्रति कितना सवेंदनशील था ये इस घटना से पता चलता है
नेपोलियन बोनापार्ट एक रात अपने सिपाहियों की बैरक में गश्त लगा रहे थे ताकि पता चल सके कि सिपाही रात में क्या-क्या करते है ?
रात को एक दम सन्नाटा छाया हुवा था , सभी सिपाही आराम से सो रहे थे, पर एक कमरे में हलकी सी लेम्प की रोशनी दिख रही थी |
नेपोलियन ने दबे पाँव उस कमरे की खिड़की के पास जाकर अंदर झाँका, उसे एक क्लर्क सिपाही टेबल पर अपना सिर झुकाए ऑफिस का कोई काम करता हुवा नजर आया |
Napoleon Bonaparte: a short Hindi moral story for kids
नेपोलियन ने दरवाजा खोल कर कमरे में प्रवेश किया , पैरों की आहट सुनकर सिपाही ने अपना सिर ऊपर कर इधर उधर देखा तो दरवाजे से नेपोलियन आ रहे थे | सिपाही की तो ऊपर की साँस ऊपर और नीचे की साँस नीचे ही रह गई , वो घबरा गया वो अपनी सीट से उठ खड़ा हुवा |
नेपोलियन ने पास आकर प्रश्न पूछा “तुम इतनी रात को ये ऑफिस का काम क्यों कर रहे हो ?”
सिपाही क्लर्क ने बहुत सी शालीनता से उत्तर दिया ” सर , मुझे नींद नहीं आ रही थी|”
नेपोलियन ने फिर अधिकार भाव से पूछा, ” नींद नहीं आने का क्या कारण , तुम किसी परेशानी में हो? मुझे बताओ “
“सर, मेरे ऊपर बहुत सारा कर्जा हो गया, उसे चुकाने की चिंता में नींद नहीं आ रही”| सिपाही ने सर झुका कर उत्तर दिया |
“यह कर्ज कैसे हो गया तुम पर , क्या तुमको जुआ खेलने की आदत थी?”
सिपाही ने “हाँ” की सहमती में अपना सिर हिला दिया |
“ठीक है! तुम्हारा कर्जा कल चूका दिया जायेगा , पर तुम्हे ऑफिस में एक बांड भर कर देना होगा कि तुम जीवन में कभी जुआ नहीं खेलोगे” और तुम्हारा जितना कर्ज चुकाया जायेगा उसके बदले में तुमको अगले तीन साल तक एक भी छुट्टी नहीं मिलेगी , और साथ ही तुम छुट्टी के दिन भी ऑफिस के काम करोगे ताकि तुमको ये लगे कि मैं अपना काम करके कर्जा चूका रहा हूँ “
सिपाही ने सहर्ष शर्तें स्वीकार कर ली |
नेपोलियन ने फिर उस से कहा ” अच्छा , अब तुमको रात ने नींद आ जाएगी , मैं चाहता हूँ मेरा हर सिपाही रात को आराम करे ताकि वो दिन में अच्छे से अपना कर्तव्य निभा सके | इतना कह कर नेपोलियन ने उसका लेम्प बुझा दिया और वहां से रवाना हो गया |
आइये और कुछ जानते है नेपोलियन के बारे में :-
Napoleon Bonaparte फ्रांस के महान सेनापति और शासक थे। उनका जन्म 15 अगस्त 1769 को कोर्सिका द्वीप में हुआ था। बचपन से ही वे बुद्धिमान, साहसी और अनुशासनप्रिय थे।
साधारण परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर सेना में उच्च स्थान प्राप्त किया। उन्होंने सैन्य विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र में ही फ्रांसीसी सेना में अधिकारी बन गए।
नेपोलियन ने फ्रांस की क्रांति के बाद देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1804 में वे फ्रांस के सम्राट बने। उनके शासनकाल में अनेक सुधार किए गए। उन्होंने शिक्षा, कानून और प्रशासन में बदलाव लाकर देश को आधुनिक रूप दिया। “नेपोलियन कोड” नामक कानून व्यवस्था आज भी विश्व के कई देशों की न्याय प्रणाली का आधार मानी जाती है।
उन्होंने कई युद्धों में विजय प्राप्त कर फ्रांस की शक्ति को पूरे यूरोप में फैलाया। हालांकि बाद में कुछ युद्धों में हार के कारण उनका साम्राज्य कमजोर हो गया। अंततः उन्हें सेंट हेलेना द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया, जहाँ 1821 में उनका निधन हो गया।
नेपोलियन बोनापार्ट ने अपने साहस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति से फ्रांस को नई पहचान दी। उनका जीवन हमें कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।