Hindi Story for kids Dada jee ki chabi wali hindi kahani


चीकू और नरु चाबी खोजने लगे , कपड़ों को उलटा-पलटा, जूतों को झटका , कोट जैकेट के सब पॉकेट देखे , हर चीज देख डाली जो उनके कमरे में थी |
शाम हो गई , लकी के पापा भी अब अपने दफ्तर से आ गये , लकी की ममी ने उनके लिए गर्म गर्म चाय बनाई, इतने में चुटकी दौड़ी आई और अपने हाथ से बनी चाय पीने की जिद करने लगी|
पापा ने उसका मन रखते हुए कहा, “हाँ , भाई , आपकी चाय तो पहले पियेंगे , लाइए , मसालेदार चाय !
चुटकी दौड़ी , अपने खिलौने वाली पेटी उठा ले कर आई जिसमे उसके सब बर्तन-भांडे थे , खड़-खड़-खड़-खड़ बजती हुई उसकी वो पेटी जादू भरा संगीत पैदा कर रही थी |
पास आकर उसने अपना किचन सेट निकाला और चाय करने लगी तैयार , कुछ ही देर में उसने चाय परोसने के लिए कप वाला बॉक्स खोला तो उसमें से अचानक दादा जी की अलमारी वाली चाबी नीचे गिरी |
पास में बैठे लकी ने जब चाबी देखी तो झट से उठा कर दादा जी को सौंपी | अब हुई पूछताछ शुरू चुटकी से |
चुटकी को लगा कुछ गलत हुवा है सब एक साथ सवाल दागने लगे |
अपनी भोली सी सूरत के साथ वो बोली , ये वाली चाबी तो मेरी रसोई के ताले की है , वो दादा वाले दाढ़ी वाले बॉक्स में युहीं पड़ी रहती है , दादा के क्या काम की ?
सब हँसने लगे | वो फिर बोल पड़ी ” सारी काम की चाबियाँ तो दादी लटकाए फिरती है कमर में , कल मुझे बिस्किट खाने की मन हुवा था , पर दादी अम्मा तो घर पर ही नहीं थी |
चुटकी की बात में दम था पर मम्मी ने डाँटते हुवे कहा , नहीं चुटकी ऐसे नहीं बोलते , वो इसलिए कि तुम दिन भर बिस्किट ही खाती रहती हो तो, उसको ताले में रखना ही पड़ेगा ना “|
दादी ने चुटकी को उठा कर अपने गले से लगा दिया और अपनी चाबियों का गुच्छा उसे सौंप दिया|

तो देखा आपने चुटकी की ये कहानी , कैसे उसे घर के खजाने की मालकिन बना दी |

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