गुगली पार्क में खेल का आयोजन
Gugali Park me khel ka Aayojan
गुगली पार्क में खेल का आयोजन Gugali Park me khel ka Aayojan
शहर के पास आए एक विशाल जंगल में बने गुगली पार्क में सभी जानवरों के बच्चे पढ़ते थे | महाराजा शेरू का राजकुमार शावा , गजधर हाथी का मोलू , चीकू सियार की बेटी सीवी , हीरामन तोते का किटू, कालू भालू का डेनी, ज़िराफिया , मन्कू आदि|
एक बार गुगली पार्क में एक एक शाम अपने ही नाम मनोरंजन का कार्यक्रम रखा गया , इसमें सभी बच्चों को अपने माता-पिता के साथ आना था , पर इसकी टिकट रखी गई थी , इस टिकेट से प्राप्त पैसों से वो असहाय जानवरों के लिए मदद करना चाहते थे |

गुगली पार्क में अब सही समय पर सब आने लगे , बड़ा सा एक स्टेज लग चुका था , सामने बहुत सारी कुर्सियां की व्यवस्था हो रही थी , देखते ही देखते जंगल के सारे जानवर आ गये |
स्टेज पर अचानक लाइट बंद हुई , और फिर एकदम से स्टेज पर सिर्फ लाइट दिखी , सामने रंग-बिरंगी रोशनी में बागड़ बिल्ला काला चश्मा लगाये , माइक से बोला , “ भाइयो, और बहनों , आप सबका स्वागत और अभिनन्दन!

आज आप सबके लिए आपके ही यार दोस्तों के छोटे छोटे बालक-बालिकाएं खेल दिखायेंगे , तो सबसे पहले चीकू सियार की बिटिया सीवी आपको कविता सुनाएगी |
रंग-बिरंगी चमचमाती फ्रॉक पहने जब सीवी स्टेज पर आई तो सब ने खूब तालियां बजाई और सीवी ने अपना हाथ हिला सबका आभार जताया , और फिर कविता सुनाने लगी |
छोटा सा कोई रोता हो, हम उसका सहारा बन जाएँ,
भूखा-प्यासा जो भी मिले, उसको हम खाना खिलाएँ।
नन्हे पंख या टूटी टाँग, दर्द अगर किसी को हो,
मिलकर सब हाथ बढ़ाएँ, दिल से उसका दुख हरें।
जंगल अपना घर है प्यारा, सबका जीवन एक समान,
दया-प्रेम से जो जीते, वही है सच्चा जीव महान

कविता ख़त्म हुई और पूरा जंगल तालियों , सीटियो से गूंज उठा |
बागड़ बिल्ला आगे कहने लगा तो अब अगला खेला होगा कुश्ती का , तो बहनों और भाइयों अब हो जाइये तैयार हार जीत का दांव लगाने , अब होगा मुकाबला शेरू और कालू भालू के बीच |
दोनों प्रतिभागी कुश्ती के मैदान में आये , सिटी बजी और शुरू “ढूशुम-ढूशुम-ढूशुम “
और थोड़ी देर बाद कालू ने शेरू को पछाड़ दिया |बागड़ बिल्ला ने जीत की घोषणा की और फिर कालू ने शेरू से हाथ मिला कर अपना स्थान ग्रहण किया |
अब अगला खेल है गजधर हाथी और जिराफ के बीच | स्टेज पर बहुत ऊंचाई पर केले का गुच्छा लटकता दिख रहा है अब इन दोनों में जो भी पहले केले लेगा वो विजेता होगा |काफी देर की मसकत के बाद जिराफ का मुंह केले के पास गया ही था कि हाथी ने अपने दोनों आगे के पाँव ऊपर कर अपनी लम्बी सूंड से जिराफ के मुंह से केले छीन कर मुकाबला जीत लिया |
अब अगला कार्यक्रम था फैशन ड्रेस का |
इसमें सब बच्चे भाग ले रहे थे| सबके अजीब अजीब तरह के कपड़े थे, मिंकू बंदर ने तो डायपर पहन सबको खूब हँसाया, गधे के बच्चों ने शेर की खाल जैसे कपड़े पहन रखे थे | हाथी दादा की टुकली ने तो किसी कार का कवर अपने शरीर पर लपेट रखा था | पर अंत में इनाम मिला गिलहरी के गिलू को क्योंकि उसने अपने परम्परागत कपड़े पहन रखे थे|

अब शुरू हुई चमच दौड़ | बागड़ बिल्ला कहने लगा अब लड़कियों के लिए ये विशेष खेल रखा है , तो सब आ जाओ , ताकि कुछ देर आपका मुंह बंद रहे तो कुछ शांति भी हो जाये |

इसमें खूब सारी लड़कियों ने भाग लिया अंत में नागिन जीत गई , सबको हैरानी हुई पर खेल में कोई पक्षपात नहीं थी |
रात बहुत हो चुकी थी , अब धीरे धीरे मौसम ठंडा हो रहा था , बागड़ बिल्ला अब अंतिम रूप से सबका धन्यवाद् कह रहा था और फिर सबने राष्ट्रगीत गा कर जय हिन्द का नारा लगाया|
जन गन मन
अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे जय हे जय हे
जय हिन्द , भारत माता की जय |