किताबें पढने का शौक
अगर आप को भी मेरी तरह किताबें पढने का शौक है पर आप किताब पढना शुरू तो कर देते हो पर कुछ समय या दिन बाद याद ही नहीं रहता कि किस किताब में क्या अच्छी बात पढ़ी थी? यह जीवन में अपनाने लायक था, पर अब उसको कैसे ढूंढे , क्या करें? तो आप मेरी तरह ये तरीका आजमा कर देखे , आपके बात करने के तरीके में कैसे ये पढ़ी गई बातें जुड़ कर प्रभावी बनती है |
- जो भी पढ़े उद्धेश्य के साथ शुरू करे |
आपकी जिस विषय में रूचि है उस रूचि के अनुसार किताब का चयन करे , और ये बात पहले से आपके दिल-दिमाग में तय होनी चाहिए कि मैं ये किताब क्यों पढ़ रहा हूँ ? यह बात अगर पहले तय कर ली तो समझो उस किताब के शीर्षक से ही कुछ बातें याद रहना शुरू हो जाएगी |
- पढ़ते पढ़ते रुके , विचार करें, मनन करें.
आप जैसे ही किसी किताब को पढना शुरू करते है तो आप उस किताब के लेखक के विचार पढ़ रहे है , और वो विचार आपके विचारों से मेल खा रहे है तो किसी एक विचार पर रुक कर सोचे , कि ये लेखक महोदय ने जो लिखा है क्या मैं इससे सहमत हूँ ? या मेरी जानकारी में ये आज तक था , यह मेरे लिए कैसे उपयोगी हो सकता है ? अगर ऐसा सोच कर आप आगे बढ़ते है तो वो विचार आपके दिमाग में स्थायी जगह बना चूका होता है |
- अपनी डायरी में लिखे
किताब की कुछ बाते आपको बहुत अच्छी लगेगी और कूछ से आप असहमत भी होंगे, तो ऐसी बातों को आप लिख ले , हो सके तो पृष्ठ संख्या सहित , ताकि कभी आप अपनी डायरी देखे तो उस को दुबारा देख सके | कोई उदाहरण हो, कोई नया शब्द हो, कोई नयी कहावत हो , मुहावरा हो , इनको भी लिखे, ये आपके शब्द ज्ञान में वृद्धि करेंगे |
- कुछ रोचक या विशेष पंक्तिओं को रेखांकित करे |
पढ़ते समय अपने पास कोई एक रंग का पेन काम में ले , जहाँ कुछ रोचक प्रसंग हो, या आपके दिमाग ने उस पर मनन किया तो उसको रेखांकित कर दे , पर ध्यान रखे हल्का रंग हो, विशेष बात हो तो ही करे , ज्यादा रेखांकित करना किताब को गन्दा करता है , जिसे दुबारा या कोई अन्य पढने से उब जाता है |
- सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में लागू करे |
किताब में जिस प्रकार की सीख है , विचार है सामग्री है उसको अपने दैनिक जीवन में जहाँ उपयोगी है वहां लागू करके देखे , और उसका क्या प्रभाव पड़ा ये भी जाने, धीरे धीरे आपकी आदत में वो शामिल हो जाएगी और आपकी मानसिकता को बदलेगी और सकारात्मक परिणाम मिल रहे तो अभ्यास जारी रखे |
ऐसे और जानकरी के लिए देखते रहिये —- https://indicstories.in
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥