कर्मों का फल
जैसा बोवोगे , वैसा ही काटोगे | प्राचीन ज़माने के पांचाल राज्य में सम्राट ब्रह्मदत्त का शासन था , पांचाल राज्य की राजधानी काम्पिल्य नगर में थी | एक बार ब्रह्मदत्त के पुत्र के पक्षाघात (लकवा) की बीमारी हो गई | पक्षाघात का इलाज करने के लिए जाने माने वैद्य आने बुलाये गए , सभी […]
