राजा जनक का सपना
प्राचीन समय में मिथिला नामक राज्य में राजा जनक राज करते थे एक बार राजा जनक को रात में सोते हुए एक भयंकर स्वप्न आया उन्होंने स्वप्न में देखा कि किसी शत्रु राजा ने उन पर अचानक आक्रमण कर दिया है तथा मिथिला के सैनिकों ने डटकर सामना किया पर वो परास्त हो गये है और राजा जनक को पकड़ कर बंदी बना दिया |

शत्रु राजा ने जनक को मृत्युदंड तो नहीं दिया किंतु सब कुछ छीन कर राज्य से निकाल दिया है तथा यह भी घोषणा करवा दी कि मिथिला का कोई भी नागरिक राजा जनक को अपने घर में आश्रय नहीं देगा। राजा जनक ने भिखारी की हालत में अपने राज्य मिथिला की सीमा से बाहर प्रस्थान किया | वे बहुत भूखे थे , उन्होंने देखा कि एक स्थान पर भूखे , बेसहारों लोगों को भोजन वितरण किया जा रहा है, वे भूख से बेहाल उस जगह पहुंचे और पंक्ति में लग गये परन्तु उनकी बारी आने तक भोजन बांटने का समय पूरा हो गया, बहुत बार विनती करने पर बहुत मुश्किल से उन्हें थोड़ा सा भोजन मिला | राजा भोजन लेकर जैसे ही खाने के लिए बैठे , अचानक किसी चील ने झपट्टा मारकर सारा भोजन बिखरा दिया| राजा जनक भूख के मारे जोर से सपने में ही चीखे | सपने में राजा जनक की चीख इतनी तेज थी कि रानी और सारे महल के नौकर चाकर जाग गए |
राजा जनक् और सारा महल चिंता में डूब गया , सुबह होते ही दरबार लगा , जनक ने अपने दरबार के सभी पंडित और विद्वान् लोगों के सामने यह प्रश्न किया कि क्या सच था ? यह सच या रात को देखा वह सच !
राजा जनक के दरबार में ऋषि अष्टावक्र भी मौजूद थे |

उन्होंने राजा जनक से प्रश्न किया, “ राजा, स्वप्न में आपके पास रानियाँ और महल थे?
जनक ने कहा “नहीं “ सपने में तो मैं भिखारी था|
अष्टावक्र ने फिर अगला सवाल पूछा कि तो अब आप क्या भिखारी है ?
राजा जनक ने कहा “नहीं , महाराज मैं तो अभी राजा हूं |
अष्टावक्र ने अगला सवाल किया तो जब आप जगे तो क्या आपके पास वो सब था जो सपने देखा था ?
जनक ने कहा “ नहीं , सपने से जागने पर तो मेरे पास महल के सभी नौकर चाकर और रानियाँ थी |
अष्टावक्र ने फिर कहा किंतु आप तो दोनों ही अवस्थाओं में थे | सपने में भी आप ही थे और अभी भी आप ही हो |
अष्टावक्र ने कहा “इसका मतलब तब ना यह सच था और अब ना वह सच है| यह सब झूठ है एक दिन यह सब रात के सपने की तरह समाप्त हो जाने वाला है|
अष्टावक्र का यह उत्तर सुनकर राजा जनक की शंका का समाधान हो गया |
शिक्षा :_ यह संसार सपने की तरह है जो दिख रहा है वह एक दिन नष्ट हो जाना है |