जब खोटे सिक्के पकड़े गए |

Fake Coin
All that glitters is not gold
Impostor
All that glitters is not gold

उन खोटे सिक्कों में एक छोटा सिक्का बड़ा नटखट और चालाक था उसने कहा भाइयों ! अगर हम लोग बहुत ही सुंदर चमकने लगे तो सेठ पहचान नहीं कर पाएगा और हमें असली सिक्कों के साथ रहने का फिर से मौका मिल जाएगा | छोटे परंतु खोटे सिक्के की बात सभी खोटे सिक्कों को जच गई अतः वे वे दिखावटी रुप से चमकने लगे | सेठ ने जब जांच शुरू की तो चमक के कारण खोटे सिक्के भी असली सिक्कों के साथ तिजोरी में रखे जाने लगे | सेठ के द्वारा गिनती करते हुए एक सिक्का हाथ से छूटा और पत्थर पर गिर पड़ा | सेठ चकराया , चमक तो अच्छी है पर आवाज खोटे सिक्के जैसी क्यों है? उसे तुरंत ही शंका हो गई सेठ ने सभी सिक्कों को दोबारा तिजोरी से बाहर निकाला और अब नीचे पड़े पत्थर पर बजा बजाकर एक-एक की जांच करनी शुरू की | खोटे सिक्कों की हालात देखकर एक असली सिक्का हँसते हुए बोला “मेरे प्यारे खोटे दोस्तों ! दिखावट थोड़े समय ही चल सकती है असली और नकली का अंतर तो पकड़ में आ ही जाता है चालाकी कब तक चलेगी? खोटे सिक्के उदास हो गए और सेठ द्वारा बाहर फैंक गए|

All that glitters is not gold
All show, no substance