हैनर्श का सपना
अमेरिका के न्यूयॉर्क नगर में एक बालक रहता था जिसका नाम हैनर्स था उसकी उम्र 17 18 वर्ष की थी वह बहुत साहसी बालक था।

एक बार उसे एक गंभीर बीमारी हो गई उसने कई डॉक्टरों को दिखाया किंतु उसे कुछ फायदा नहीं हुआ वह बेचारा बहुत गरीब था दिन भर मेहनत मजदूरी करके जो पैसा कमाता था वह अपनी बीमारी में लगा देता था बहुत बार दिखाने के बाद जब उसे कुछ फायदा नहीं हुआ तो वह कुछ प्रतिबंधित दवाइयां लेने लग गया जो कि अपराध की श्रेणी में आती थी , यह बात जब उस शहर के डिपार्टमेंट को लगी तो उन्होंने हैनर्स को पकड़ लिया और उसके अपराध के लिए उसे जेल की सजा हो गई वह जेल चला गया परंतु उसका मन बहुत अशांत था।
जब वह जेल में पहुंचा और वहां पर पहले से बंद किए गए बहुत सारे अपराधियों से मिला तो उसके सोचने का नजरिया बदल गया उसने वहां देखा कि उनमें से कोई बहुत बड़ा खूनी है, तो किसी ने चोरी की है , किसी ने बहुत सारा धन हड़प लिया है, तो कोई किसी का बलात्कार करके आया है । इन सब बातों से हेनर्स मन ही मन दुखी होने लगा और विचार करने लगा कि आखिर यह सब अपराधी क्यों बन गए? काफी सोच विचार के बाद एक दिन उसने जेलर से कहा कि मैं यहां स्कूल खोलना चाहता हूं यह मेरा एक प्रयोग होगा। और उसने अपनी सारी योजना जेलर को बता दी।

जेलर को उसके विचार बहुत अच्छे लगे उसने उसकी योजना को अपने उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया और अंत में उसे जेल में ही स्कूल खोलने की अनुमति मिल गई । जेल के कुछ कमरे स्कूल बना दिए गए और जेल के सारे कैदी वहां के विद्यार्थी बन गए । पहले दिन कक्षा लगी, मात्र 10 प्रतिशत कैदी विद्यार्थी वहां हाज़िर हुए । उसने पहले दिन पहला पाठ पढ़ाया “अपराधी होने से पहले सभी लोग अच्छे होते हैं यदि अच्छा व्यक्ति किसी परिस्थितिवश बुरा बन जाता है तो वह अपना आचरण सुधार कर पुनः अच्छा भी बन सकता है”
इस प्रकार धीरे-धीरे कक्षाएं लगती रही कैदी हैनर्स की बातों से सीखते रहे और उन्होंने अब भविष्य में कभी भी अपराध नहीं करने की प्रतिज्ञा की और अपना जीवन नए सिरे से जीने का प्रण लिया। जब हैनर्स की इस योजना का परिणाम सरकार ने जाना तो वो भी आश्चर्य में थे, कुछ समय बाद हैनर्स की सजा पूरी हो गई तो उसे जेल से रिहा कर दिया गया, बाहर आने पर राज्य सरकार ने उसे शिक्षा विभाग में सम्मानित पद दिया और आगे चलकर यही व्यक्ति निदेशक हैनर्स के नाम से विख्यात हुआ।
शिक्षा : अगर हमें अपने दोष सुधारने का अवसर मिले तो उसको अवश्य ही चुन लेना चाहिए।