Abraham Lincoln, USA president_Inspiring Real-Life Story
अब्राहम लिंकन अमेरिका राष्ट्रपति
प्रिय पाठकों, आज आपके लिए एक सत्य प्रसंग को प्रस्तुत कर रहा हूँ , ये प्रसंग इतिहास प्रसिद्ध व्यक्तित्व और इरादे के धनी , अमेरिका के 16 वें राष्टपति Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन के जीवन से जुड़ा हुवा है |
अपना काम अपने हाथ
ये प्रसंग उस समय का है जब वे अमेरिका के राष्ट्रपति के पद पर पदस्थापित थे और राष्ट्रपति आवास व्हाइट हॉउस में निवास कर रहे थे , एक दिन Abraham Lincoln से मिलने के कोई उनका परिचित सुबह जल्दी ही आ गया , उन तक जब आने की सुचना पहुंचाई गई तो लिंकन ने उस परिचित को अपने कमरे में ही आने का कह दिया |
थोड़ी देर वह परिचित घर के अंदर उस कमरे में आ गया , जैसे ही उसने कमरे में प्रवेश किया तो देखा Abraham Lincoln लिंकन अपने जूतों की पॉलिश कर रहे है , उस परिचित ने जैसे ही देखा तो एक दम आश्चर्य से कहा ” ये क्या तुम अपने ही जुत्तों की पॉलिश कर रहे हो ?”
Abraham Lincoln ने अपना काम करते हुए ही जवाब दिया, ” तो क्या तुम दूसरों के जूतों की पॉलिश करते हो ?”
उस परिचित ने कहा ” मेरा कहने का मतलब ये था कि तुम अब राष्ट्रपति हो , अब भी तुम ये काम खुद का कर रहे हो ? ये काम करने के लिए तो नौकर – चाकर खूब है |
Abraham Lincoln ने कहा—पर ये जूते तो मेरे ही हैं, मेरे जूतों की पॉलिश करने के लिए नौकर क्यों ? जब मैं इस पद पर नहीं था तब भी पॉलिश खुद कर रहा था , और आने वाले समय में जब इस पद पर नहीं रहूँगा तो भी मुझे जुत्ते तो पहनने ही पड़ेंगे और उसको पॉलिश करने में किस बात की शर्म , ये तो मेरे अपने ही है , किसी और के नहीं” अपना काम अपने हाथ से करने में क्या शर्म |
परिचित ये जवाब सुन कर बहुत लज्जित हुवा |
समझे आप Abraham Lincoln की सादगी और उनकी महानता , वह व्यक्ति जिसने अमेरिका में दास प्रथा का उन्मूलन किया वो व्यक्ति जुत्तों की पॉलिश के लिए किसी दास का कैसे सहारा ले सकता है , वे बहुत ही ईमानदार व्यक्ति थे
Abraham Lincoln, the President of the USA, is an inspiring real-life story
आइये उनके बारे में कुछ और जानकारी भी जाने :-
अब्राहम लिंकन : संघर्ष, नेतृत्व और प्रेरणा की मिसाल
अब्राहम लिंकन अमेरिका के महान राष्ट्रपतियों में से एक थे। वे अपनी ईमानदारी, संघर्षशीलता और दास प्रथा के विरोध के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। उनका जीवन कठिनाइयों से भरा था, फिर भी उन्होंने अपने साहस और परिश्रम से इतिहास रच दिया।
अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फ़रवरी 1809 को अमेरिका के केंटकी राज्य के एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम थॉमस लिंकन और माता का नाम नैन्सी लिंकन था। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी, इसलिए लिंकन को बचपन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा सके और घर पर रहकर स्वयं अध्ययन करते थे। उन्हें पुस्तकों से बहुत प्रेम था और वे उधार लेकर किताबें पढ़ते थे।
जीवन यापन के लिए उन्होंने कई छोटे-बड़े कार्य किए। उन्होंने खेतों में मजदूरी की, लकड़ी काटी, नाव चलाने का काम किया और दुकान पर भी काम किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आगे चलकर उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकील बन गए।
लिंकन ने राजनीति में भी कई असफलताओं का सामना किया। वे कई चुनाव हारे, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। अंततः वर्ष 1860 में वे अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने दास प्रथा समाप्त करने का महत्वपूर्ण कार्य किया और देश को गृह युद्ध के कठिन समय से बाहर निकाला।
अब्राहम लिंकन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य भी प्रसिद्ध हैं। उन्हें “Honest Abe” कहा जाता था क्योंकि वे अत्यंत ईमानदार थे। वे अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिनकी हत्या कर दी गई थी। लिंकन का जीवन हमें यह सिखाता है कि संघर्ष और मेहनत से कोई भी व्यक्ति महान ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।