moogfali re moongfali Hindi poem for kids
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?

मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
बूढ़े-बच्चे सबको भाती,
कभी नहीं अभिमान जताती
दादी और नानी, हो चाहे नाती
बड़े चाव से तुझे चबाती

बूढ़े-बच्चे सबको भाती,
कभी नहीं अभिमान जताती
दादी और नानी, हो चाहे नाती
बड़े चाव से तुझे चबाती
मिल जाती हो हर गाँव गली
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?

मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
मारवाड़ी हो चाहे हो मद्रासी
सेठानी हो, भले ही कोई दासी
लिए मुठी में, कोई भरी पतासी
तेरे बहाने हो रही आगि -पाछी
ये बात किसी को नहीं खली
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
गरीब का तुम बादाम
नहीं हे ऊँचे तेरे दाम
सर्दी में गर्मी देता तेरा नाम
तुझे खाते-खाते होते काम

खेतों में है तू बढ़ी- पली
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
लम्बी -लम्बी कुछ बेडोल
कुछ दुबली कुछ फूली ढोल
कुछ क्यों? खारी होती,बोल!
बहुत कम है तेरा मोल
खेतों में है तू बढ़ी- पली
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?
लम्बी -लम्बी कुछ बेडोल
कुछ दुबली कुछ फूली ढोल
कुछ क्यों? खारी होती,बोल!
बहुत कम है तेरा मोल
लगती है तू सबको भली
मूंगफली रे मूंगफली !
स्विमिंग सूट में कहाँ चली ?